PPK College Bundu, Ranchi: आदिवासी और ग्रामीण छात्रों के लिए उम्मीद की किरण

झारखंड राज्य के रांची जिले के बुंडू अनुमंडल में स्थित पीपीके कॉलेज बुंडू (Prof. Premthesh Kumar College, Bundu), एक ऐसा शैक्षणिक संस्थान है जिसने ग्रामीण और अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का बीड़ा उठाया है। यह कॉलेज रांची विश्वविद्यालय से संबद्ध है और स्नातक स्तर पर शिक्षा प्रदान करता है। शिक्षा, अध्ययन संस्कृति और छात्र जीवन को लेकर यह कॉलेज लगातार सकारात्मक बदलावों की ओर अग्रसर है।

कॉलेज की स्थापना और उद्देश्य

पीपीके कॉलेज बुंडू की स्थापना क्षेत्रीय शैक्षणिक विकास को ध्यान में रखते हुए की गई थी। बुंडू और आसपास के क्षेत्र की आबादी लंबे समय तक उच्च शिक्षा के अभाव से जूझती रही। ऐसे में इस कॉलेज की स्थापना से युवाओं को अपने ही क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। कॉलेज का नाम प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो. प्रमथेश्वर कुमार के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने अपने जीवन को शिक्षा के प्रचार-प्रसार में समर्पित किया।

इस कॉलेज का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है ताकि वे भी समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें और रोजगार के बेहतर अवसर पा सकें।

कॉलेज का शैक्षणिक ढांचा और पाठ्यक्रम

पीपीके कॉलेज बुंडू में पारंपरिक और आधुनिक दोनों प्रकार के पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। स्नातक स्तर पर बी.ए (BA), बी.एससी (B.Sc), और बी.कॉम (B.Com) कोर्सेस उपलब्ध हैं। BA कोर्स में इतिहास, राजनीति शास्त्र, हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, संस्कृत आदि विषय प्रमुख हैं। B.Sc में गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान जैसे विज्ञान विषय पढ़ाए जाते हैं। वहीं B.Com कोर्स वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है।

कॉलेज ने हाल ही में B.Voc (बैचलर ऑफ वोकेशनल स्टडीज) जैसे व्यावसायिक कोर्स भी शुरू किए हैं, जिनका उद्देश्य छात्रों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करना है। इनमें शामिल हैं:

ये कोर्स विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ स्किल्स भी सिखाते हैं जो उन्हें रोजगार प्राप्त करने में मदद करते हैं।

अध्ययन की पद्धति और शिक्षण गुणवत्ता

कॉलेज का शिक्षण स्टाफ अनुभवी और विषय विशेषज्ञता रखने वाला है। सभी शिक्षकगण विद्यार्थियों को विषयों की गहराई से समझाने के साथ-साथ उन्हें करियर, जीवन कौशल और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी मार्गदर्शन देते हैं।

कॉलेज पुस्तकालय में हजारों किताबें, पत्रिकाएं और जर्नल उपलब्ध हैं, जो विद्यार्थियों की ज्ञान वृद्धि में सहायक होते हैं।

कॉलेज में विद्यार्थी जीवन

पीपीके कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ-साथ सर्वांगीण विकास के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। छात्र जीवन यहाँ अनुशासन, स्वतंत्रता और सीखने के संतुलन से परिपूर्ण है।

विद्यार्थियों की सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि

पीपीके कॉलेज में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र झारखंड के आदिवासी, दलित, पिछड़े वर्ग और सामान्य ग्रामीण परिवारों से आते हैं। इनमें से कई विद्यार्थी ऐसे हैं जो पहली पीढ़ी के शिक्षित हैं।

कॉलेज प्रशासन ऐसे छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ दिलवाने में मदद करता है। इसके अलावा कई शिक्षक व्यक्तिगत स्तर पर भी कमजोर आर्थिक स्थिति वाले छात्रों की मदद करते हैं।

अवसर और भविष्य निर्माण

कॉलेज में विद्यार्थियों को सिर्फ डिग्री प्राप्त नहीं होती, बल्कि उन्हें समाज में बदलाव लाने की प्रेरणा भी दी जाती है। B.Voc कोर्स करने वाले छात्र इंटर्नशिप और फील्ड वर्क के जरिए व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करते हैं।

चुनौतियाँ और सुधार के प्रयास

हालाँकि कॉलेज ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है, इसलिए कुछ बुनियादी सुविधाओं की कमी है जैसे – पर्याप्त स्मार्ट क्लासरूम, तेज़ इंटरनेट, अधिक लैब्स और छात्रावास की सुविधा। लेकिन प्रशासन इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

निष्कर्ष

पीपीके कॉलेज बुंडू आज बुंडू और आसपास के क्षेत्र के हजारों छात्रों की उम्मीदों का केंद्र बन चुका है। यह कॉलेज शिक्षा, संस्कार और रोजगार के अवसरों का समन्वय करता है।

जहाँ एक ओर यह पारंपरिक शिक्षा प्रणाली को सशक्त बना रहा है, वहीं दूसरी ओर B.Voc जैसे कोर्सों के माध्यम से कौशल आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा दे रहा है। यहाँ पढ़ने वाले विद्यार्थी ना सिर्फ बेहतर करियर बनाते हैं, बल्कि समाज में जागरूक नागरिक के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित करते हैं।

झारखंड जैसे राज्य के ग्रामीण क्षेत्र में यह कॉलेज आशा की वह किरण है जो आने वाले वर्षों में और तेज़ रोशनी फैलाएगी।


(सूचना: यह लेख पीपीके कॉलेज बुंडू की उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। प्रवेश, पाठ्यक्रम और अन्य शैक्षणिक नीतियों के बारे में नवीनतम जानकारी के लिए कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट या रांची विश्वविद्यालय की वेबसाइट देखना उचित होगा।)

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